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ओवनगून की ग़लत फ़हमी

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अध्याय का पाठ

ओवनगून की ग़लत फ़हमी

यह बर्तानिया का प्रसिद्ध जय-वैज्ञानिक था। 1944 ई0 में मर गया। उसने अपनी जवानी के ज़माने में कहा था कि 80 की गिनती को 80 से, 80 बार गुड़ा करने पर इस संसार में पाए जाने बाले कणों के बारे में मालूम हो जाएगा और जिस दिन उसने अपने इस फ़ार्मूले का प्रयोग किया और उससे गुणा किया उसी दिन वैज्ञानिकों ने बताया कि सिर्फ़ कहकशाँ ही एक मिलयन से ज़्यादा हैं।(30)

 

(30) मग़ज़ मोताफ़िक्किरे जहान शीयाः 367