امام صادق علیه السلام : اگر من زمان او (حضرت مهدی علیه السلام ) را درک کنم ، در تمام زندگی و حیاتم به او خدمت می کنم.
हज़रत इमाम-ए-ज़माना अज्जलल्लाहु

हज़रत इमाम-ए-ज़माना अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ की पहचान

सईद सादक़ी की साइट  में इस तरह आया है :

हज़रत आयतुल्लाह सीसतानी  अपनी किताब “ सहीफ-ए-मेहदीया ’’ के प्राक्कथन में लिखते हैं:

हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम  क़ुम के एक आलिम के सपने में आये और फरमाया:

मेहदी (अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ) अपने ज़माने में भी मज़लूम हैं अत: उन के बारे में किताबें लिखो और अध्ययन करो और जो कुछ भी इन के बारे में कहोगे वह सब मासूमीन अलैहिस्सलाम के बारे में होगा क्योंकि सारे मासूमीन वेलायत व इमामत में एक हैं मगर क्योंकि यह ज़माना इमाम-ए-महदी(अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ) का है इस लिए उन के बारे में किताबें लिखो और प्रवचन करो ।

अंत में फरमाया:

में ताकीद करता हूँ कि मेहदी के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा तक़रीर करो और किताबें लिखो कि हमारा मेहदी मज़लूम है ।

हर रात इमाम-ए-मेहदी अज्जलल्लाहु फरजहुश्शरीफ के ज़हूर की प्रार्थना करो ताकि तुम्हारे काम भी आसान हो जाये।

हवाला:

सईद सादेक़ी की साइट ।

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